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हिमाचल में अभी से अक्टूबर जैसी ठंड: 5 शहरों का पारा 10 डिग्री से नीचे, केलांग 3.8°C तक लुढ़का; कल से कमजोर पड़ेगा मानसून

केलांग में न्यूनतम तापमान 3.8°C, ताबो भी 3.9°C तक पहुंचा
बारिश-बर्फबारी के बाद कई शहरों के तापमान में 5 से 8 डिग्री की गिरावट
19 सितंबर से कमजोर होगा मानसून, एक सप्ताह में विदाई की संभावना


शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारिश और ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी के बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली है। सितंबर के मध्य में ही प्रदेश के कई पहाड़ी इलाकों में अक्टूबर जैसी ठंड महसूस होने लगी है। राज्य के दो शहरों का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे और पांच शहरों का पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। केलांग में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ताबो का तापमान भी 3.9 डिग्री तक पहुंच गया है। बीते गुरुवार को लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी का असर अब निचले और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों के तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर पिछले 24 घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि शुक्रवार सुबह प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में धूप खिलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। इसी बीच मौसम विभाग ने आज कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि 19 सितंबर से मानसून कमजोर पड़ने का अनुमान है।

ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के बाद बढ़ी ठंड

हिमाचल में बीते गुरुवार को मौसम में बदलाव के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू की ऊंची चोटियां बर्फ की चादर से ढक गईं। बर्फबारी के बाद इन क्षेत्रों में सुबह, शाम और रात के समय ठंड तेजी से बढ़ गई है।

पहाड़ों पर तापमान में गिरावट का असर आसपास के क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से नीचे चला गया है। दिन के समय धूप निकलने से कुछ राहत जरूर मिल रही है, लेकिन सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ गई है।

शुक्रवार सुबह प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहा और अच्छी धूप खिली। इससे ऊंचे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बर्फबारी के बाद बढ़ी ठंड से थोड़ी राहत मिली। आने वाले दिनों में मौसम साफ रहने पर दिन के तापमान में कुछ सुधार की संभावना है, लेकिन सुबह-शाम की ठंड फिलहाल बनी रह सकती है।

केलांग और ताबो में पारा 4 डिग्री के आसपास

तापमान में गिरावट का सबसे ज्यादा असर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में देखने को मिला है। केलांग का न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं ताबो में न्यूनतम तापमान में 5.3 डिग्री की गिरावट दर्ज होने के बाद पारा 3.9 डिग्री सेल्सियस रह गया।

इस तरह सितंबर में ही लाहौल-स्पीति के इन इलाकों में रात का तापमान सर्दियों की दस्तक जैसा एहसास करा रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में रात के समय ठंड बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

कल्पा के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट

तापमान में गिरावट केवल न्यूनतम तापमान तक सीमित नहीं रही है। कई शहरों में दिन के अधिकतम तापमान में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। कल्पा के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 8.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद वहां अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रह गया।

भुंतर में अधिकतम तापमान 7.5 डिग्री गिरकर 24.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ताबो में 7.1 डिग्री की गिरावट के बाद अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री रहा। मंडी में अधिकतम तापमान 6 डिग्री गिरकर 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

राजधानी शिमला में भी तापमान में गिरावट देखने को मिली। यहां अधिकतम तापमान 2.5 डिग्री कम होकर 21.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। इससे साफ है कि बारिश और बर्फबारी के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज ठंडा हुआ है।

आज कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का अनुमान

मौसम विभाग यानी IMD ने शुक्रवार के लिए भी कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार कांगड़ा और चंबा के कुछ स्थानों पर दोपहर 3 बजे तक हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में भी बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

हालांकि, यह बारिश लंबे समय तक जारी रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार 19 सितंबर से मानसून कमजोर पड़ना शुरू होगा। इसके बाद 22 सितंबर तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहने और धूप खिलने का अनुमान है। इस दौरान कुछ इक्का-दुक्का स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

राजस्थान से शुरू होगी मानसून की विदाई

मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी अब शुरू होने की स्थिति में है। 19 सितंबर से राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई शुरू होने का अनुमान है। इसके बाद यदि मौसम संबंधी परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले एक सप्ताह के भीतर हिमाचल प्रदेश से भी मानसून विदा हो सकता है।

हिमाचल प्रदेश से मानसून की विदाई की सामान्य तारीख 25 सितंबर मानी जाती है। हालांकि, इस वर्ष मानसून की वापसी की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। मौसम की परिस्थितियों के आधार पर इसमें आगे-पीछे बदलाव संभव है।

मानसून सीजन में सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश

हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, जिलावार बारिश का आंकड़ा अलग-अलग रहा है। चंबा में सामान्य से 5 फीसदी कम, हमीरपुर में 31 फीसदी कम, कांगड़ा में 4 फीसदी कम, लाहौल-स्पीति में 64 फीसदी कम, मंडी में 13 फीसदी कम, सोलन में 13 फीसदी कम और ऊना में 1 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है।

दूसरी ओर कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश भी हुई है। बिलासपुर में सामान्य से 11 फीसदी अधिक, किन्नौर में 3 फीसदी अधिक, कुल्लू में 7 फीसदी अधिक, शिमला में 15 फीसदी अधिक और सिरमौर में 7 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है।

बारिश-बाढ़ और भूस्खलन से 3,212 करोड़ की संपत्ति को नुकसान

इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश को बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण भारी नुकसान भी उठाना पड़ा है। अब तक सरकारी और निजी संपत्ति को कुल 3,212 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकड़ा सामने आया है। मानसून की विदाई की ओर बढ़ते मौसम के बीच अब प्रशासन और संबंधित विभाग नुकसान का आकलन और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी व्यवस्थाओं पर भी नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और तापमान में गिरावट ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। सितंबर में ही कई इलाकों में ठंड का असर बढ़ने से आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, 19 सितंबर से मानसून के कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में धूप का असर बढ़ने की संभावना है।